*
पीडब्लूडी जेई का सख्त रुख हटाया जाएगा अतिक्रमण, होगी कार्यवाही
अमृतपुर फर्रुखाबाद 29 जनवरी। प्रदेश सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई तरीके अपनाए। वाहन चेकिंग तेज रफ्तार वाहनों पर शिकंजा शराब पीकर चलने वाले ड्राइवरो की जांच रोड के किनारे से शराब के ठेके को हटाना ब्रेकर बनाना मोड स्कूल कॉलेज अस्पताल जैसे प्रमुख स्थानों पर सांकेतिक चिन्ह स्थापित करना और समय-समय पर अखबार व सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जानकारी देते रहना सरकार ने अपना कर्तव्य समझा। इसके लिए सड़क यातायात दिवस भी मनाया गया और सड़क सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत समय-समय पर जांच व कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई।
परंतु फिर भी सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। कही अनाड़ी ड्राइवरो द्वारा वाहन चलाना कहीं पर स्पीड का ध्यान न रखना और कहीं सड़क पर अतिक्रमण इसके कारण बनते हैं। बीते दिवस बुधवार को अमृतपुर कस्बे के प्रमुख बस अड्डे पर सड़क दुर्घटना में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। जिसने पूरे कस्बे और क्षेत्र को हिला कर रख दिया। नव युवकों की मौत पर लोग सहम गए और इस दुर्घटना के करण को जब देखा गया तो सड़क किनारे अतिक्रमण भी सामने आया। अमृतपुर के बाजार वाली रोड से जब प्रमुख सड़क पर पहुंचना होता है तो वहां दोनों तरफ अत्यधिक अतिक्रमण के कारण कुछ भी दिखाई नहीं देता और रोड के किनारे दुकानदारों ने इस तरह से अपनी दुकानें सजा रखी हैं की कुछ भी समझ में नहीं आता कि सड़क पर दुकानें हैं या दुकानों के बीच से सड़क गुजर रही है। इस दुर्घटना बाहुल्य सड़क पर ना तो ब्रेकर बने हैं और ना ही कोई सांकेतिक चिन्ह स्थापित किया गया है। जब इस बारे में पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर वीर बहादुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अगर पुलिस जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करें तो कानून के दायरे में रहकर ब्लैक स्पॉट बनाने का प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। अन्यथा की स्थिति में हाईवे पर ब्रेकर बनाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगी हुई है। फिर भी विभाग द्वारा सड़क के किनारे रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। सफेद पट्टी और पीली पट्टी रोड पर डाली गई है। जो की पीडब्ल्यूडी के अनुसार सांकेतिक चिन्ह है। इन्हें देखकर और समझ कर वाहन चलाने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। लेकिन फिर भी लोग लापरवाही से वाहन चलाते हैं और दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। कस्बे के ग्रामीणों ने भी इस समस्या के समाधान के लिए मांग की है। अधिकारी का कहना था कि अगर ब्लैक स्पॉट का प्रस्ताव आता है
तो जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद विभाग इस पर विचार कर सकता है। रही बात फुटपाथ पर अतिक्रमण की तो उसे हटाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। जिससे सड़क के दोनों तरफ दिखाई पड़े और चलने वाले वाहनों को असुविधा का सामना न करना पड़े। रोड पर अतिक्रमण की स्थिति कस्बा राजपुर के अंदर भी है। जहां सड़क के दोनों तरफ का फुटपाथ दुकानदारों ने पूरी तरह से घेर रखा है। अगर इस अतिक्रमण पर सही ढंग से कार्रवाई की जाए तो इन क्षेत्रों में दुर्घटनाओं के आंकड़ों को बहुत कम किया जा सकता है। लेकिन क्या ऐसा हो पाएगा या फिर लोग यूं ही इस अव्यवस्था का शिकार होते रहेंगे।
बैकुंठ की आवाज Latest Online Breaking News

