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_गोरखपुर से मंडल ब्यूरो ललित राजपूत की रिपोर्ट_
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पत्रकार अग्निवेश सिंह की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।नाली से पानी निकासी के विवाद में शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे आरोपियों ने अग्निवेश को पीट-पीटकर मार डाला।अग्निवेश को आनन-फानन में गोरखपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया,जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।अग्निवेश सिंह की मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।सूचना पर जिला अस्पताल पर बड़ी संख्या में पत्रकार और अग्निवेश सिंह के जानने वाले जुट गए। उन्होंने पुलिस से मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की। मिली जानकारी के मुताबिक 38 वर्षीय पत्रकार अग्निवेश सिंह बांसगांव कस्बे में रहते थे। शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े 10 बजे नाली में पाइप डालकर पानी निकासी को लेकर दूसरे पक्ष से उनका विवाद हो गया।मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने उन्हें बुरी तरह पीट दिया।
आरोपियों की पिटाई से बुरी तरह घायल अग्निवेश को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पत्रकार अग्निवेश सिंह की हत्या की सूचना मिलते ही भारी संख्या में मीडियाकर्मी जिला अस्पताल पर जुट गए।गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी के अलावा पूर्व अध्यक्ष रितेश मिश्र सहित तमाम पत्रकारों ने जिला अस्पताल पहुंचकर पत्रकार अग्निवेश के निधन पर शोक जताया और उनके हत्यारोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई करने की मांग की।पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिलकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल टीम गठित करने की मांग की। इस पर सीएमओ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मेडिकल टीम का गठन कर दिया। पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की कि घटना की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।इसके साथ ही आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई हो।पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी हो।इसके साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार अग्निवेश सिंह पर हमला और उनकी मौत प्रशासन को एक तरह का चैलेंज है। प्रशासन और पुलिस को इस मामले में तत्काल और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि ऐसा जघन्य कृत्य करने वालों को कठोर संदेश मिले।
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