अधिवक्ता धर्मेंद्र राजपूत की रिपोर्ट
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। अमृतपुर तहसील परिसर की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर मामूली बारिश में उजागर हो गई। हल्की बारिश के बाद पूरा तहसील परिसर कीचड़ और जलभराव से लबालब हो गया, जिससे अधिवक्ताओं, फरियादियों और कर्मचारियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि परिसर में पहुंची भाजपा का झंडा लगी एक कार भी कीचड़ में फंस गई, जिसे बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
तहसील परिसर की दुर्दशा से नाराज अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को संबोधित ज्ञापन भेजकर तहसील परिसर में तत्काल इंटरलॉकिंग ईंट बिछाने की मांग की है।

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि तहसील परिसर में इंटरलॉकिंग न होने के कारण दोपहिया, चारपहिया वाहन, साइकिल और पैदल चलने वाले लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। बारिश के दौरान पूरा परिसर दलदल में बदल जाता है, जिससे वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं और उन्हें जेसीबी की मदद से निकलवाने तक की नौबत आ जाती है। इससे न्यायिक कार्य और प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं कराया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द इंटरलॉकिंग का कार्य शुरू नहीं कराया गया तो इसका राजनीतिक विरोध भी किया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने मांग की है कि जनहित को देखते हुए अमृतपुर तहसील परिसर में शीघ्र इंटरलॉकिंग ईंट बिछाकर जलभराव और कीचड़ की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि फरियादियों और अधिवक्ताओं को राहत मिल सके।
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