देशों के हथियारों की खरीद का डेटा प्रकाशित करने वाली एजेंसी सिपरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस देश ने बीते 5 सालों में हथियारों का निर्यात 47 प्रतिशत तक बढ़ाया। जबकि अमरीका का एक्सपोर्ट सिर्फ 17 प्रतिशत तक रहा। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथियारों का एक्सपोर्टर (Arm Exporter Country) माना जाता है यानी दूसरे देशों को हथियार बेचने के मामले में अमेरिका सबसे पहले नंबर पर आता है। स्वीडन की स्टॉकहोम इंटनरेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी सिपरी की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका (America) को हथिय़ारों का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर माना गया है,
उसे पछाड़ने के लिए एक देश सबसे आगे आ गया है और वो देश है फ्रांस। जी हां फ्रांस (France) अब दुनिया के दूसरे सबसे बड़े हथियारों के एक्सपोर्टर के तौर पर सामने आया है। रिपोर्ट बताती है कि साल 2014 से 2018 और 2019 से 2023 के बीच अमेरिका के हथियारों के निर्यात में 17 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वहीं कुल वैश्विक निर्यात में इसकी 34 से 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
47 प्रतिशत तक बढ़ा फ्रांस का निर्यात
वहीं फ्रांस के आंकड़ों पर नजर डालें तो पाएंगे कि साल 2014 से 2018 और 2019 से 2023 के बीच फ्रांस का निर्यात 47 प्रतिशत तक बढ़ा है। फ्रांस के हथियारों का निर्यात सबसे ज्यादा 42 प्रतिशत एशियाई देशों में हुआ है। वहीं 34 प्रतिशत निर्यात मिडिल ईस्ट यानी पूर्वी-मध्य देशों में हुआ है।
भारत ने फ्रांस से कितना किया निर्यात
हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक भारत (India) ने रूस से सबसे ज्यादा हथियारों का निर्यात किया है। भारत सबसे बड़े हथियार खरीदने वाले देशों में टॉप पर है यानी भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक (Larget Arm Importer Country) देश है। भारत ने फ्रांस से कुल 30 प्रतिशत हथियार खरीदे हैं। भारत का सबसे शक्तिशाली फाइटर जेट इसी देश फ्रांस से आया है।
राफेल (Rafale) दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है। इस लड़ाकू विमान को फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एविएशन ने बनाया है। ये परमाणु-विरोधी हमलों, समंदर से किए गए हमलों और दूसरे अभियानों के लिए भी बेहतरीन टारगेट सेट करता है। फ्रांस से भारत ने 36 राफेल तो खरीदे ही हैं। इसके अलावा भारत ने 3 स्कॉर्पिन पनडुब्बी और खरीदने का सौदा किया है। यानी फ्रांस भारत की खरीद का एक अहम साथी बन गया है।
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