संवाददाता सुरजीत प्रताप सिंह की रिपोर्ट
अमृतपुर राजेपुर (फर्रुखाबाद)8 अप्रैल। जब दो दिल मिले तो सात समंदर भी छोटा लगने लगता है। कई ऐसे वक्त सामने आए जहां दूरियां मिट गई जाति धर्म के बंधन टूट गए और लोगों का विरोध भी काम नहीं आया। ऐसे में याद आया ना उम्र की सीमा हो ना जाति क हो बंधन जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन। प्रेम कि इस दौर में दो प्रेमियों ने नया जीवन और नई शुरुआत करने के लिए इन सभी को अपनाया। जब मिले तो एक हो गए और तमाम समस्याओं को झेलते हुए फिर लोगों ने साथ देना शुरू कर दिया। दूसरे धर्म की सबीना बेगम आज घर वापसी करते हुए सुमन बन गई। ग्राम वसुंधरा उसेत जिला बदायूं निवासी बेगम जहां थाना अमृतपुर क्षेत्र के रतनपुर पमारन निवासी विजय पुत्र वीरपाल से प्रेम कर बैठी और धर्म जात की सीमाओं को लांघकर हिंदू रीति रिवाज से शादी कर विजय की पत्नी बन गई। सात जन्मों तक का सफर और परंपराएं निभाने को लेकर आज इन्होंने भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह के आशीर्वाद से थाना अमृतपुर में पहुंचकर पुलिस के सहयोग से कागजी कार्रवाई पूर्ण करते हुए हिंदू रीति रिवाज से अमृतपुर के प्रसिद्ध देव स्थल भरत दास बाबा के स्थान पर पहुंचकर सात फेरे लिए।
पंडित घनश्याम पांडे ने इस शादी को कराते हुए खुशी जाहिर की और उन्होंने कहा कि जब दो दिल मिलते हैं तो दूरियां कम हो जाती हैं। शादी के इस समारोह में दो सैकडा से अधिक लोग शामिल हुए जो की बाराती होने का एहसास कर रहे थे। थाना परिसर में कुछ देर के लिए लड़के की माता कुसुम ने हलचल मचाई और कहां की वह यह शादी नहीं होने देगी। लेकिन बाद में लोगों के समझाने पर वह मान गई और शादी के लिए तैयार हो गई। लड़की ने बताया कि उसके बाबा हिंदू थे और हिंदू परंपरा के अंतर्गत उनका परिवार चलता था। बाद में वह मुस्लिम हुए। आज वह फिर से सनातन धर्म में लौटकर खुशी जाहिर कर रही है। उसे इस बात की काफी खुशी हो रही है कि वह अपने पूर्वजों के सनातन धर्म में पुनः वापसी कर रही है। कई घंटे के इस प्रोग्राम के बाद दोनों को पति-पत्नी के रूप में लोगों ने आशीर्वाद देना शुरू कर दिया। इन लोगों की लंबी उम्र की दुआ करते हुए बुजुर्ग और सज्जन व्यक्ति आगे आए। उन्होंने कहा कि वह घर वापसी कर रही इस लड़की को स्वीकार करेंगे। साथ ही जो भी घर वापसी के लिए तैयार होगा हमारा हिंदू समाज उन्हें सर आंखों पर बिठाएगा।
इस मौके पर राधेश्याम शैलेंद्र संजय सिंह महेश आनंद सुमित मुकुल संत रविदास मुकेश ब्रजकिशोर हरिओम आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे। मीडिया बंधु भी इस रोचक रीति रिवाज की शादी में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे थे। ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं था जो इस शादी के शगुन में अपनी दुआएं ना दे रहा हो। सभी ने हर्षो उल्लास के साथ दोनों प्रेमी और प्रेमिका को शादी के बंधन में बंधते हुए देखा और दांपत्य जीवन को लेकर शुभकामनाएं दी।
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