संवाददाता अंकित सिंह की रिपोर्ट
अमृतपुर/फर्रुखाबाद। क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से जनप्रतिनिधि मोनिका यादव की निधि से बनाए गए नाले का उद्देश्य जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाना था, लेकिन नाले का पानी आज तक सुचारु रूप से नहीं निकल पा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले के निकास मार्ग पर एक दबंग ने कब्जा कर रखा है, जिसके कारण बरसात का पानी जमा हो जाता है और आसपास के घरों व रास्तों पर जलभराव की स्थिति बनी रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि नाला बनने के बावजूद उसका लाभ नहीं मिल रहा है। निकास अवरुद्ध होने से गंदा पानी लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले पर हुए कथित अतिक्रमण को तत्काल हटवाकर पानी की निकासी सुचारु कराई जाए, ताकि लाखों रुपये की लागत से बने नाले का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सके और क्षेत्र को जलभराव की समस्या से राहत मिले।
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