प्रधान संपादक देवराज सिंह की रिपोर्ट
फर्रुखाबाद संबाद
माननीय उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय इलाहाबाद के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा केंद्रीय कारागार एवं जिला कारागार, फर्रुखाबाद का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेलों में बंदियों के साथ जाति के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना और मानवाधिकारों की रक्षा करना था।
उच्चतम न्यायालय के आदेशों का कराया गया अनुपालन
माननीय जनपद न्यायाधीश श्री नीरज कुमार की अध्यक्षता में दोपहर 12:30 बजे विजिटर बोर्ड के नामित सदस्यों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती बिंदिया भटनागर द्वारा संयुक्त रूप से यह औचक निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (सिविल) संख्या 1404/2023 (सुकन्या शांथा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य) में पारित आदेशों और माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशों के तहत की गई।
जाति आधारित भेदभाव और कार्य आवंटन की हुई बारीक जांच
निरीक्षण दल ने जेलों के भीतर इस बात की विशेष रूप से पड़ताल की कि
किसी भी बंदी से उसकी जाति या सामाजिक वर्ग के आधार पर कोई कार्य तो नहीं कराया जा रहा है।
क्या किसी बंदी को उसकी जाति-आधारित परंपरागत कार्य करने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
संतोषजनक रहीं व्यवस्थाएं:
गहन निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने पाया कि जेलों में इस तरह की कोई भी अनियमितता नहीं है। किसी भी बंदी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव का कोई मामला सामने नहीं आया और न ही ऐसा कोई तथ्य संज्ञान में आया। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन पूरी तरह से संतोषजनक पाया गया।

निरीक्षण के दौरान मौजूद रहा प्रशासनिक अमला
इस महत्वपूर्ण औचक निरीक्षण के दौरान जिले के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
जिलाधिकारी, फर्रुखाबाद एवं पुलिस अधीक्षक, फर्रुखाबाद
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO), फर्रुखाबाद
लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालक अभियन्ता
जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, और जिला रोजगार अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी, जिला औद्योगिक अधिकारी
केंद्रीय कारागार एवं जिला कारागार के अधीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
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