मुख्यमंत्री से लेकर डीएम और एसपी तक भेजे प्रार्थना पत्र, लेखपालों की पैमाइश के बाद भी नहीं हट सका कथित अतिक्रमण
संवाददाता अधिवक्ता धर्मेंद्र राजपूत की रिपोर्ट
*फर्रुखाबाद/अमृतपुर*
तहसील अमृतपुर क्षेत्र के मौजा अमैयापुर में जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि कई बार शिकायत और राजस्व टीम की पैमाइश के बावजूद आज तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार गाटा संख्या 223, रकबा 0.166 हेक्टेयर भूमि खातेदार नरेंद्र पाल सिंह पुत्र रामपाल सिंह के नाम दर्ज बताई गई है। आरोप है कि जमीन मालिक लंबे समय से गांव में नहीं रह रहे थे और लौटने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनकी भूमि पर कथित रूप से वर्षों से कब्जा और अतिक्रमण कर लिया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जमीन पर अस्थायी व स्थायी निर्माण और अन्य सामग्री रखकर कब्जा बनाए रखा गया है। मामले में वर्ष 2025 के दौरान राजस्व विभाग की ओर से पैमाइश भी कराई गई और अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोप है कि कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि बाद में दोबारा राजस्व अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण और पैमाइश की गई, फिर भी कथित कब्जा बरकरार है। शिकायतकर्ता ने कुछ लोगों को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि मनजीत उर्फ बटेश्वर पुत्र मंत्रराम व सुनीता पत्नी घनश्याम व सुखपाल पुत्र जयराम आज 7 कब्जे धाराक शामिल हैं। और दबंगई के कारण प्रशासनिक कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही है।


पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री, डीएम और एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए अवैध कब्जा हटवाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता वर्तमान में शाहजहांपुर जनपद में निवास कर रहा है और उसका कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल सका। अमृतपुर नायब तहसीलदार बोले लेखपाल व कानूनगों व पुलिस फोर्स के साथ कब्जा मुक्त कराया जाएगा साथ मै स्वयं भी जाएंगे।
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