नमस्कार हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 73559 27249 , +91 73559 27249 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , जौहर यूनिवर्सिटी के पक्ष में मायावती ने खुलकर कहा बुलडोजर नहीं चलना* – बैकुंठ की आवाज
Breaking News

जौहर यूनिवर्सिटी के पक्ष में मायावती ने खुलकर कहा बुलडोजर नहीं चलना*

*
_लखनऊ से मंडल ब्यूरो की रिपोर्ट_

पूर्व कैबिनेट मंत्री समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी के पक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती खुलकर सामने आ गई हैं।मायावती ने जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर ऐक्शन का विरोध करने के साथ ही ध्वस्तीकरण के आदेश पर मुराबादाबाद कमिश्नर कोर्ट की रोक का स्वागत किया है। मायावती ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी ही नहीं किसी भी शिक्षण संस्थान ने नियमों का उल्लंघन किया है तो बुलडोजर चलाने की बजाय उसे नियमित करने पर विचार करना चाहिए। पूर्व सीएम मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आज़म ख़ान के पारिवारिक ट्रस्ट की तरफ से स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित यूनिवर्सिटी की 38 शिक्षण इमारतों को नक्शा आदि के अभाव में ध्वस्त करने की रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर अब रोक लगाने का फैसला उचित और स्वागत योग्य है। मायावती ने कहा कि केवल जौहर विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अगर अन्य और भी शिक्षण संस्थायें हैं जो अपने निर्माण आदि में सरकारी नियमों आदि का सही से अनुपालन नहीं कर पाये हैं तो उन पर भी बुलडोजर नहीं चलना चाहिए। उन्हें तोड़ने की सख़्ती करने के बजाय सरकार को उन सबको सही व नियमित कराने के बारे में ज़रूरी कार्रवाई करने की नीति अपनानी चाहिये। यह कोशिश होना चाहिए कि वहां शिक्षा हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं का जीवन किसी भी प्रकार से प्रभावित ना होने पाए। यूनिवर्सिटी प्रबंधन को प्रशासनिक और कानूनी मोर्चे पर फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है। मंडलायुक्त कोर्ट ने यूनिवर्सिटी कैंपस के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश पर सोमवार को अंतरिम रोक लगा दी है।अदालत के इस रुख के बाद आरडीए उपाध्यक्ष का ध्वस्तीकरण आदेश फिलहाल निष्प्रभावी हो गया है, जिससे विवि परिसर में फिलहाल बुलडोजर की कार्रवाई पर विराम लग गया है।मंडलायुक्त ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि उनकी अदालत में प्रकरण का अंतिम निस्तारण होने तक आरडीए उपाध्यक्ष द्वारा पारित ध्वस्तीकरण आदेश प्रभावी नहीं रहेगा। ऐसे में फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में किसी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी। आरडीए ने अपने आदेश में कहा था कि राजस्व ग्राम सींगनखेड़ा स्थित मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की भूमि पर एकेडमिक और मेडिकल भवनों को छोड़कर 82,309.80 वर्गमीटर क्षेत्र में बने शेष 38 निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किए गए हैं। इसलिए संबंधित निर्माणों को 15 दिन के भीतर स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। ऐसा न करने पर आरडीए द्वारा ध्वस्तीकरण कर उसका खर्च भू-राजस्व की तरह वसूलने की बात कही गई थी।

Check Also

फतेहगढ़: कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान; प्रमुख स्थानों और सीमाओं पर बढ़ाई गई चौकसी

🔊 Listen to this फतेहगढ़ फर्रुखाबाद सह संपादक अलोक गुप्ता की रिपोर्ट फतेहगढ़: कानून-व्यवस्था को …