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_मुजफ्फरनगर से मण्डल ब्यूरो की रिपोर्ट_
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली है।मेरठ के रहने वाले दो दोस्त एक एक हिंदू और दूसरा मुस्लिम है।दोनों 251 लीटर जल की कांवड़ लेकर गुजरते मिले।दोनों दोस्त हरिद्वार से लौट रहे थे और उन्हें वापस जल चढ़ाने मेरठ जाना था। दोनों दोस्तों ने बताया कि वे आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने के लिए ये कांवड़ लेकर निकले है।लोगों ने ये देखा तो उनका स्वागत करने के साथ ही हौसला भी बढ़ाया। शाकिर मेरठ में फलावदा और दोस्त मिंटू नागोरी के रहने वाले हैं।दोनों ने 17 जुलाई रात 10 बजे हरिद्वार से जल उठाया था। इसके बाद कांवड़ लेकर वापस मेरठ के लिए निकल पड़े। इनकी टोली में और भी भोले भक्त हैं।दोनों दोस्त जहां से भी गुजरते हैं लोग रुककर देखने लगते हैं।दोनों दोस्त हरिद्वार से 251 लीटर गंगा जल लेकर निकले हैं
,इससे पहले भी वे 101 लीटर जल लेकर निकल चुके हैं। यात्रा के दौरान शाकिर अपने मित्र मिंटू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते नजर आए।इतना ही नहीं मिलने वाले अन्य शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा भी करते दिखे।कहीं कांवड़ संभालते तो कहीं थके हुए श्रद्धालुओं की मदद करते हुए उन्होंने यह साबित किया कि सेवा और इंसानियत किसी धर्म या जाति की सीमाओं में बंधी नहीं होती। शाकिर और मिंटू का कहना है कि उनकी दोस्ती वर्षों पुरानी है और उन्होंने कभी धर्म को अपने रिश्ते के बीच नहीं आने दिया। उनका मानना है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।दोनों अपनी इस यात्रा के जरिए समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि अलग-अलग आस्थाओं के बावजूद प्रेम,सम्मान और सहयोग से ही समाज मजबूत बनता है।यात्रा के दौरान वे जात-पात छोड़ो, इंसानियत को जोड़ो का संदेश भी लोगों तक पहुंचा रहे हैं। मुजफ्फरनगर से गुजरते समय शाकिर और मिंटू की जोड़ी श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।कई लोगों ने दोनों के साथ फोटो और वीडियो बनाकर इस पल को यादगार बनाया।श्रद्धालुओं ने उनकी पहल की सराहना करते हुए इसे गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की जीवंत मिसाल बताया।शाकिर बताते हैं कि वे 251 लीटर गंगा जल मेरठ के नागौरी स्थित मंदिर में चढ़ाएंगे।
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