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मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और जिला अध्यक्ष मोहित जाटव ने पुलिस कस्टडी और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय में बर्बरतापूर्वक पिटाई किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।

मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और जिला अध्यक्ष मोहित जाटव ने पुलिस कस्टडी और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय में बर्बरतापूर्वक पिटाई किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
​इस घटना के बाद किसान नेता दिग्विजय भाटी की आंख में गंभीर चोट (भारी सूजन और खून के निशान) सामने आई है। मामले के तूल पकड़ने और चौतरफा घिरने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्कालीन मेरठ एसएसपी (SSP) अविनाश पांडेय को हटाकर डीजीपी मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध (अटैच) कर दिया है।
​घटना का मुख्य कारण और पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद जुलाई में मेरठ के रोहटा क्षेत्र की दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड से जुड़ा है।
​8 जुलाई को पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर दलित संगठनों और नेताओं का प्रदर्शन हुआ था।
​इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और 63 लोगों (13 नामजद) के खिलाफ केस दर्ज किया था।
​दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव को भी इस केस में आरोपी बनाया गया था। अदालत से जमानत मिलने के बाद वे अपना नाम एफआईआर से हटवाने और हिस्ट्रीशीट के संबंध में बात करने एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे।
​किसान नेताओं के आरोप
​एसएसपी चैंबर में पिटाई: दिग्विजय भाटी का आरोप है कि एसएसपी ऑफिस में उन्हें बुलाया गया। वहां जब उन्होंने मुकदमे से नाम हटाने का निवेदन किया तो तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए चैंबर में बंधक बनाकर जूतों, लात-घूंसों से मारपीट की। इसी दौरान आंख पर पैर लगने से गंभीर चोट आई।
​एसओजी (SOG) कार्यालय में टॉर्च/फट्टे से पिटाई: इसके बाद दोनों नेताओं को पुलिस लाइन स्थित एसओजी दफ्तर ले जाया गया। आरोप है कि वहां उन्हें उल्टा लटकाकर पैरों के तलवों, पीठ और कमर पर लाठियों-फट्टों से पीटा गया।
​पुलिस विभाग और प्रशासन का पक्ष
​पुलिस की सफाई: मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर सफाई जारी करते हुए आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों व्यक्तियों के खिलाफ पहले से कई केस दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि जब वे सिविल लाइंस थाने से बातचीत कर लौट रहे थे, तो उनकी स्कूटी फिसल गई जिससे उन्हें चोटें आईं।
​प्रशासनिक कार्रवाई और जांच:
​घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अविनाश पांडेय को हटा दिया गया है।
​एडीजी जोन मेरठ ने मामले की विस्तृत निष्पक्ष जांच के आदेश सहारनपुर रेंज के डीआईजी (DIG) अभिषेक सिंह को दिए हैं।
​राजनीतिक प्रतिक्रिया
​विपक्ष का हमला: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, भीम आर्मी चीफ व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत कई किसान संगठनों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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