संवाददाता अमृतपुर राजेपुर
40 जर्जर सड़कों, बाढ़ मुआवजे में कथित भ्रष्टाचार और किसानों के उत्पीड़न समेत कई समस्याओं को लेकर आंदोलन का ऐलान
फर्रुखाबाद, 27 अक्टूबर। भारतीय किसान यूनियन (अखंड प्रदेश) ने किसानों और आम जनता की विभिन्न समस्याओं को लेकर 30 अक्टूबर से राजेपुर राठौरी में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट, विनियमित क्षेत्र, फर्रुखाबाद को सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी ने बताया कि गंगा और रामगंगा के मध्य स्थित गंगा पार क्षेत्र के किसान लंबे समय से जर्जर सड़कों, जलभराव, अवैध खनन, बाढ़ मुआवजे में कथित अनियमितताओं, पुलिस उत्पीड़न और बिजली विभाग की लापरवाही जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि राजेपुर विकासखंड और गंगा पार क्षेत्र की करीब 40 जर्जर सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत, ग्रामीण संपर्क मार्गों में सुधार और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
डीएम और एसपी से किसानों के लिए अलग समय निर्धारित करने की मांग
नरेंद्र सोमवंशी ने कहा कि किसानों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने विस्तार से रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से किसान संगठनों के अधिकृत प्रतिनिधिमंडल के साथ नियमित बैठक के लिए अलग समय निर्धारित करने की मांग की। साथ ही अधिकारियों के सरकारी सीयूजी नंबरों पर संपर्क न हो पाने की समस्या उठाते हुए प्रभावी जनसुनवाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।
पुलिस उत्पीड़न और कथित फर्जी मुकदमों की जांच की मांग
संगठन ने गरीब किसानों और आम नागरिकों को छोटी-छोटी शिकायतों में थाने ले जाने, अनावश्यक रूप से बैठाए रखने और कथित पुलिस उत्पीड़न की शिकायतों पर रोक लगाने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए।
ज्ञापन में थाना राजेपुर में किसान कार्यकर्ता संजय कठेरिया के विरुद्ध दर्ज आबकारी संबंधी मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने तथा कायमगंज, अमृतपुर और राजेपुर थानों में दर्ज कथित झूठे मुकदमों की समीक्षा कर निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की मांग भी शामिल है।
बिजली के झूलते तारों से हादसे की आशंका
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संगठन ने मसेनी चौराहे पर करंट से लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की घटना का जिक्र किया। संगठन के अनुसार, पीड़ितों के उपचार पर करीब 75 लाख रुपये खर्च हुए और संबंधित लोगों ने बिजली विभाग में लगभग छह लाख रुपये की एस्टीमेट धनराशि जमा कराई। इसके बावजूद विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित नहीं हुई है। संगठन ने झूलते नंगे तारों को तत्काल ठीक कराने और मामले की जांच कराने की मांग की।
बाढ़ मुआवजे और अवैध खनन का मुद्दा उठाया
भारतीय किसान यूनियन ने बाढ़ प्रभावित पात्र किसानों को मुआवजा दिलाने और मुआवजे के नाम पर कथित तौर पर 500 रुपये प्रति बीघा सुविधा शुल्क मांगने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संगठन ने वंचित किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की भी अपील की।
इसके अलावा गंगा और रामगंगा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अवैध मिट्टी और बालू खनन पर रोक लगाने, व्यावसायिक खनन की अनुमतियों की जांच कराने तथा किसानों को अपने खेत से निजी जरूरत के लिए मिट्टी निकालने की प्रक्रिया नियमानुसार सरल और निःशुल्क बनाने की मांग की गई।
आलू बिक्री की धनराशि वापस दिलाने की मांग
ज्ञापन में ग्राम कोलासोता, हरपालपुर के किसानों की आलू बिक्री की धनराशि के कथित गबन का मामला भी उठाया गया। संगठन ने प्रभावी कानूनी कार्रवाई कर किसानों की बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों, गरीबों, शोषितों, वंचितों और पीड़ित नागरिकों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से आंदोलन कर रहा है। इसका मकसद किसी व्यक्ति या विभाग का अनावश्यक विरोध करना नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 अक्टूबर से राजेपुर राठौरी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय, हकीम जी वाली गली में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। यदि मांगों पर प्रभावी कार्रवाई और समयबद्ध समाधान का लिखित आश्वासन नहीं मिलता है, तो आंदोलन समस्याओं के संतोषजनक समाधान तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जाएगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव राजेश कुमार उर्फ बबलू दीक्षित, राष्ट्रीय प्रवक्ता छबिनाथ सिंह शन्नू प्रधान, प्रदेश सचिव सुनील गिहार, जिलाध्यक्ष मनोज सिंह परमार, जिला उपाध्यक्ष रक्षपाल सिंह सोमवंशी, अभिषेक सिंह परमार और प्रभास शाक्य सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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