*
मेरठ से
– बिल्डर के घर 80 लाख की चोरी में था वांछित, चार साल पहले घोषित हुआ था 10 हजार रुपये का इनाम
– महिला सिपाही ने फेसबुक पर दोस्ती कर एक माह तक की बातचीत, मिलने के बहाने नेपाल से हरिद्वार बुलाया
बिल्डर प्रदीप गुप्ता के घर से 80 लाख रुपये के आभूषण और नकदी चोरी करने के मामले में चार साल से फरार नेपाली आरोपित लाल भीम भूल को मेरठ पुलिस ने हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। उस पर 20 दिसंबर 2022 को 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम करीब एक माह से उसकी तलाश में जुटी थी। फेसबुक पर महिला सिपाही से दोस्ती कराकर पुलिस ने उसे जाल में फंसाया। महिला सिपाही ने खुद को हरिद्वार का रहने वाला बताकर लाल भीम से लगातार बातचीत की और चार दिन पहले उसे मिलने के लिए हरिद्वार बुलाया। नेपाल से बाहर निकलकर हरिद्वार पहुंचे लाल भीम को पुलिस ने महिला सिपाही के पास पहुंचते ही दबोच लिया। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि लाल भीम भूल निवासी लेकोट, थाना वायल, जनपद डोटी, नेपाल, फेसबुक चलाता था। पुलिस टीम ने महिला सिपाही के माध्यम से उससे दोस्ती कराई।
दोनों ने मोबाइल नंबर साझा किए और महिला सिपाही करीब एक माह तक उससे बातचीत करती रही। पुलिस को पता था कि लाल भीम नेपाल में है और भारत आने से बच रहा है। महिला सिपाही ने चार दिन पहले उसे हरिद्वार मिलने के लिए बुलाया। लाल भीम उसके झांसे में आ गया और नेपाल से निकलकर हरिद्वार पहुंच गया। महिला सिपाही के साथ पहले से मौजूद पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। टीपीनगर थाने में पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया और फिर जेल भेज दिया गया। 20 नवंबर 2022 को टीपीनगर थाना क्षेत्र के कमला नगर निवासी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं बिल्डर प्रदीप गुप्ता का परिवार बेटी सांची गुप्ता की मंगनी में शामिल होने दिल्ली के ताज होटल गया था। घर की सुरक्षा में गार्ड मनोज और नेपाली नौकर बल बहादुर को छोड़ा गया था। बल बहादुर ने गार्ड मनोज को खीर में नशीला पदार्थ खिला दिया। इसके बाद अपने साथियों के साथ घर से करीब 80 लाख रुपये के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गया। पुलिस और एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए बल बहादुर के साथी मुंबई निवासी लक्ष्मण और पुणे निवासी नरेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों जमानत पर बाहर हैं, जबकि बल बहादुर अभी जेल में है। मामले में 10 हजार रुपये का इनामी सुरेंद्र कटवाल उर्फ बिलकिट अभी फरार है। चोरी की घटना से महज तीन दिन पहले बल बहादुर प्रदीप गुप्ता के घर आया था। पहले उसे अमन सिद्धू की एजेंसी के माध्यम से कार्यालय में नौकरी मिली थी। बेटी की शादी के चलते उससे घर का काम कराया जाने लगा। दो दिन में ही उसने परिवार का विश्वास जीत लिया था। परिवार के दिल्ली जाने पर उसने अपने चार साथियों को बुलाया और वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस के अनुसार, लाल भीम भी इसी गिरोह में शामिल था।
बैकुंठ की आवाज Latest Online Breaking News

