मुकद्दमा दर्ज होते ही सरकारी महकमे में मचा हड़कंप,
ब्यूरो चीफ ललित राजपूत की रिपोर्ट
फर्रुखाबाद/शमसाबाद:
थाना शमसाबाद क्षेत्र के मोहल्ला दलमीर खां में हुई एक आपराधिक घटना के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व कर्मियों और पुलिस अधिकारियों समेत कुल 6 नामांकित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत यह प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
*क्या था पूरा मामला?*
पीड़ित महेश वर्मा के अनुसार, सिविल कोर्ट कायमगंज (वाद संख्या 59/2016) द्वारा विवादित स्थल पर अंतरिम स्थगादेश पारित किया गया था, जो वर्तमान में भी प्रभावी है। पीड़ित का आरोप है कि इसके बावजूद थानाध्यक्ष शमसाबाद, कस्वा/सिटी इंचार्ज, क्षेत्रीय लेखपाल कृष्णकान्त और राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) हरमुख सिंह ने विपक्षी मुन्ना खां व जितेन्द्र शाक्य के साथ सांठ-गांठ कर ली।
आरोप है कि 26 अप्रैल 2026 को सुबह 9:00 बजे कोर्ट के आदेशों को दरकिनार करते हुए जबरन अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जाने लगा। जब महेश वर्मा ने इसका विरोध किया, तो विपक्षियों ने उनके साथ हाथापाई की और जान-माल की धमकी देकर मौके से भगा दिया,
*थाने में अभद्रता और धमकी का आरोप*
पीड़ित का आरोप है कि जब वह घटना की शिकायत दर्ज कराने थाना शमसाबाद पहुंचे, तो थानाध्यक्ष व सिटी इंचार्ज ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें थाने से भगा दिया। पीड़ित के अनुसार, अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए कहा कि वे किसी के प्रति बाध्य नहीं हैं।इसके बाद पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ को पंजीकृत डाक से शिकायती पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर अंततः न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट से प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराए जाने की गुहार लगाई थी,
दस्तावेजों के अनुसार मामले में जिन 6 लोगों को आरोपी बनाया गया है उनमें
* मुन्ना खां निवासी: कम्पिल, जितेन्द्र शाक्य निवासी: मंझली हवेली,कस्बा शमसाबाद,कृष्ण कान्त (क्षेत्रीय लेखपाल, हाल तैनाती: तहसील कायमगंज,हरमुख सिंह (राजस्व निरीक्षक, हाल तैनाती: तहसील कायमगंज),रमेश सिंह,तत्कालीन थानाध्यक्ष, थाना शमसाबाद, सुरेश सिंह तत्कालीन कस्बा इंचार्ज, थाना शमसाबाद, के विरुद्ध पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है:
धारा 115(2), धारा 352,धारा 351(3): आपराधिक धमकी देना, धारा 329(3):
राजस्व अधिकारियों और पुलिस महकमे के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों का नाम सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की अग्रिम जांच कर रही है।
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