चीफ एडिटर केशराम राजपूत की रिपोर्ट
लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश—राजस्व मामलों का समय पर हो निस्तारण, लापरवाही बरतने वालों पर तय होगी जवाबदेही
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जनता से जुड़े राजस्व और प्रमाण-पत्रों के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश निम्नलिखित बिंदुओं के अंतर्गत हैं:
1. समय-सीमा के भीतर मामलों का निस्तारण
प्रमुख सेवाएं: दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), पैमाइश (भूमि की पैमाइश), वरासत, और जाति एवं आय प्रमाण-पत्र से जुड़े सभी प्रकरणों का निस्तारण अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही सुनिश्चित किया जाए।
15 दिन की समय-सीमा: सभी निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
2. पारदर्शिता और सार्वजनिक सूची
तहसीलवार सूची: भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक तहसील में लंबित प्रकरणों की सूची को सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
3. जवाबदेही और सख्त कार्रवाई
अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा: यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होता है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत लापरवाह और भ्रष्ट तत्वों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना और समय पर पारदर्शी तरीके से प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
क्या आप इस खबर को किसी विशेष सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे ट्विटर/एक्स, व्हाट्सएप या फेसबुक) के फॉर्मेट में या किसी अन्य रूप में चाहते हैं?
बैकुंठ की आवाज Latest Online Breaking News

