प्रभावित परिवारों को समय पर उपचार, जरूरी दवाएं और ओआरएस उपलब्ध कराने पर जोर, बाढ़ चौकियों से लेकर मोबाइल मेडिकल यूनिट तक स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी
संवाददाता अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट
फर्रुखाबाद। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और संक्रामक बीमारियों के खतरे को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय स्वयं प्रभावित क्षेत्र आशा की मड़ैया पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने मौके पर चिकित्सा सुविधाओं, स्वास्थ्य टीमों की सक्रियता और जरूरतमंदों को उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित बस्तियों में लोगों की सेहत पर नजर रखने, बीमार व्यक्तियों की पहचान करने और जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हैं।

सीएमओ ने निरीक्षण कर परखी चिकित्सा व्यवस्थाएं
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए कि प्रभावित आबादी तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। बुखार, उल्टी-दस्त, त्वचा संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों के लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें समय से उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य टीमों की क्षेत्र में सक्रियता सुनिश्चित की जाए।
52 बाढ़ चौकियों और 16 त्वरित प्रतिक्रिया टीमों के माध्यम से निगरानी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत बनाने के लिए 52 बाढ़ चौकियों और 16 त्वरित प्रतिक्रिया टीमों के माध्यम से निगरानी एवं चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि प्रभावित बस्तियों में लोगों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। जरूरत के अनुसार स्वास्थ्यकर्मी मौके पर पहुंचकर मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा और आवश्यक परामर्श उपलब्ध करा रहे हैं।
इसी क्रम में आज सीएमओ डॉ आनंद उपाध्याय ने स्वयं चित्रकूट, शैदापुर, गौंटिया, का निरीक्षण कई स्वयं दवा वितरण भी किया।
155 प्रकार की दवाएं और 1200 ओआरएस पैकेट की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 155 प्रकार की दवाओं और 1200 ओआरएस पैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त दो नोडल मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से भी जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
दूषित पानी और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता
सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमें लोगों को साफ पानी पीने, पानी को सुरक्षित रखने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और आसपास जलभराव से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं। बाढ़ के बाद दूषित पानी और मच्छरों के कारण विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को बुखार, उल्टी-दस्त अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने की भी सलाह दी जा रही है।
चिकित्सा सहायता के लिए संपर्क नंबर जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सहायता और संबंधित जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग के बाढ़ नोडल अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.सी. माथुर के मोबाइल नंबर 9410666210 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण कक्ष का नंबर 9473720195 भी उपलब्ध है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को समय पर उपचार, आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन मिले। विभागीय टीमें प्रभावित आबादी की सेहत पर नजर रखते हुए जरूरतमंदों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं।
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