संवाददाता अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट
राजेपुर सीएचसी में जांच, टीकाकरण और प्रसव सेवाएं प्रभावित होने से गर्भवती महिलाओं की बढ़ी परेशानी
राजेपुर (फर्रुखाबाद)। राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर आशा एवं आशा संगिनी का धरना लगातार 14वें दिन भी जारी है। मानदेय बढ़ाने और स्थायी किए जाने की मांग को लेकर आशा-संगिनी कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठी हैं। उनका कहना है कि लगातार धरना देने के बावजूद अब तक स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने नहीं पहुंचा है। अब आशा-संगिनियों ने सीएमओ कार्यालय का घेराव करने की तैयारी की है।
धरने के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। मरीजों को जांच कराने में परेशानी हो रही है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टीकाकरण और प्रसव सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आशा-संगिनियों का कहना है कि महंगाई के दौर में उन्हें मिलने वाला मानदेय पर्याप्त नहीं है, जबकि काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
लगातार 14 दिनों से चल रहे धरने के बीच स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मरीजों और गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी के बीच अब देखना होगा कि विभाग के अधिकारी कब तक इस मामले का संज्ञान लेते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
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