फर्रुखाबाद (राजेपुर):
संवाददाता अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट
राजेपुर कस्बे में ‘विकास जन सेवा केंद्र’ के भीतर कथित तौर पर अवैध रूप से गतिविधियां संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि बिना किसी वैध पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों के यह कारोबार चलाया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजेपुर कस्बे में महेंद्र नामक व्यक्ति द्वारा संचालित ‘विकास जन सेवा केंद्र’ पर नियमों को ताक पर रखकर काम किए जा रहे हैं। आरोप है कि इस केंद्र के जरिए लोगों को भ्रमित कर उनसे अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संदेहास्पद संचालन से आम जनता को भारी नुकसान हो सकता है।
जांच के बाद भी कार्रवाई न होने से असमंजस
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि इससे पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। आखिर जांच के बाद भी इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक क्यों नहीं लगाई गई, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग से उच्चस्तरीय जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के प्रभारी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठ रही है।
जनता और प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभाग को तुरंत इस केंद्र के अभिलेखों, पंजीकरण और वहां हो रहे कार्यों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। यदि जांच में किसी भी तरह की अनियमितता या अवैध गतिविधियां पाई जाती हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर कब तक कोई प्रभावी कदम उठाता है या यह मामला यूं ही फाइलों में दबा रह जाता है।

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